राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत लोकसभा चुनाव 2019 में जोधपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके साथ प्रचार में उनकी पत्...
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत लोकसभा चुनाव 2019 में जोधपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके साथ प्रचार में उनकी पत्नी हिमांशी भी नजर आ रही हैं. हिमांशी पति और ससुर की राजनीति से नहीं बल्कि एक अलग वजह से पहचान रखती हैं...
राजस्थान में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को जोधपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है. पिता की विरासत संभालने और अपने चुनाव प्रचार का आगाज करने सोमवार को जब वैभव टिकट मिलने के बाद पहली बार जोधपुर पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत हुआ. इस स्वागत में वैभव के साथ उनकी पत्नी हिमांशी भी नजर आईं. हिमांशी ने यहां वैभव के पक्ष में जमकर माहौल बनाया और उन्हें जोधपुर का बेटा करार देते हुए जनसमर्थन हासिल करने की बात कही. लेकिन बता दें कि वैभव को लोकसभा का टिकट मिलने के बाद सामने आई हिमांशी की राजनीति से अलग हटकर भी एक पहचान है और वे अपने काम की वजह से एक खास तबके में चर्चा में रहती हैं.
हिमांशी की वैभव से 2005 में शादी हुई थी. यानी करीब 14 साल पहले हिमांशी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पुत्रवधू बनीं. हिमांशी ने राजनीति के जादूगर कहे जाने वाले अशोक गहलोत से राजनीति तो नहीं सीखी लेकिन जो सीखा उसके बारे में खुलकर कहती है. हिमांशी कहती हैं कि, 'मैंने पापाजी से 3 बातें सीखी हैं. जीवन में सब्र
रखना, इंतजार करना और शांति बनाए रखना. वो कहती है कि यदि इन तीन बातों को
जीवन में उतार लिया जाए तो ईश्वर हमेशा मेहरबान रहते हैं. हिमांशी डीडवाना निवासी कमलेश कुमार की बेटी हैं. हिमांशी राजनीति से अलग हटकर अपने सोशल वर्क के लिए खास पहचान रखती हैं. इन्वेंटिव हेल्पिंग हैंड सोसाइटी के जरिए हिमांशी कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद करती हैं. वैभव की साली यानी हिमांशी की बहन गरिमा पंवार आईएएस अफसर हैं.

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