सीकर जिले के धोद थाना इलाके के नागवा गांव में कथित रूप से बदमाशों ने बारात रोककर दुल्हन का अपहरण कर लिया था. राजस्थान के सीकर स्थित धो...
सीकर जिले के धोद थाना इलाके के नागवा गांव में कथित रूप से बदमाशों ने बारात रोककर दुल्हन का अपहरण कर लिया था.
राजस्थान के सीकर स्थित धोद थाना इलाके के नागवा से अपहृत की गई दुल्हन को पुलिस ने बरामद कर उसे परिजनों को सौंप दिया है. दुल्हन अपहरण कांड के आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. मामले में पूर्व में पकड़े गए सह-आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
जांच अधिकारी महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि दुल्हन को शनिवार को उत्तराखंड के देहरादून से बरामद करने के बाद रविवार (21 अप्रैल) को सुबह सीकर लाया गया था. यहां दुल्हन से सदर थाने में पूछताछ के बाद देर शाम उसे परिजनों को सौंप दिया गया. दुल्हन ने थाने में प्रार्थना-पत्र दिया था कि वह अपनी मां के साथ बुआ के यहां जाना चाहती है.
बालिग होने के कारण दुल्हन अपनी इच्छा अनुसार जा सकती है. इस प्रार्थना-पत्र के बाद उसे उसकी मां के साथ रवाना कर दिया गया. वहीं, देहरादून से पकड़े गए अपहरण कांड के मुख्य आरोपी अंकित और उसके साथी को सोमवार (22 अप्रैल) को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
यह है पूरा मामला
सीकर जिले के धोद थाना इलाके के नागवा गांव में मोरडूंगा से गत मंगलवार (16 अप्रैल) को बारात आई थी. देर रात बारात दुल्हन को लेकर लौट रही थी. उसी दौरान नागवा गांव से 4 किलोमीटर दूर रामबक्सपुरा स्टैंड पर बदमाशों ने बोलेरो और कैम्पर गाड़ी से दुल्हन की गाड़ी को घेर लिया. इसके बाद गाड़ी पर लाठी-डंडों और सरियों से ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया. बाद में बदमाश दुल्हन को उठाकर अपने साथ ले गए. पुलिस इस मामले में चार सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. वे चारों पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं.
राजपूत समाज में फैल गया था आक्रोश
दुल्हन के अपहरण के बाद सीकर में राजपूत समाज में आक्रोश फैल गया था. दुल्हन की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर झुंझुनूं के उदयपुरवाटी विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा और राष्ट्रीय करणी सेना के संयोजक सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के नेतृत्व में राजपूत समाज के लोगों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए चार दिन तक धरना दिया था.
राजस्थान के सीकर स्थित धोद थाना इलाके के नागवा से अपहृत की गई दुल्हन को पुलिस ने बरामद कर उसे परिजनों को सौंप दिया है. दुल्हन अपहरण कांड के आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. मामले में पूर्व में पकड़े गए सह-आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
जांच अधिकारी महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि दुल्हन को शनिवार को उत्तराखंड के देहरादून से बरामद करने के बाद रविवार (21 अप्रैल) को सुबह सीकर लाया गया था. यहां दुल्हन से सदर थाने में पूछताछ के बाद देर शाम उसे परिजनों को सौंप दिया गया. दुल्हन ने थाने में प्रार्थना-पत्र दिया था कि वह अपनी मां के साथ बुआ के यहां जाना चाहती है.
बालिग होने के कारण दुल्हन अपनी इच्छा अनुसार जा सकती है. इस प्रार्थना-पत्र के बाद उसे उसकी मां के साथ रवाना कर दिया गया. वहीं, देहरादून से पकड़े गए अपहरण कांड के मुख्य आरोपी अंकित और उसके साथी को सोमवार (22 अप्रैल) को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
यह है पूरा मामला
सीकर जिले के धोद थाना इलाके के नागवा गांव में मोरडूंगा से गत मंगलवार (16 अप्रैल) को बारात आई थी. देर रात बारात दुल्हन को लेकर लौट रही थी. उसी दौरान नागवा गांव से 4 किलोमीटर दूर रामबक्सपुरा स्टैंड पर बदमाशों ने बोलेरो और कैम्पर गाड़ी से दुल्हन की गाड़ी को घेर लिया. इसके बाद गाड़ी पर लाठी-डंडों और सरियों से ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया. बाद में बदमाश दुल्हन को उठाकर अपने साथ ले गए. पुलिस इस मामले में चार सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. वे चारों पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं.
राजपूत समाज में फैल गया था आक्रोश
दुल्हन के अपहरण के बाद सीकर में राजपूत समाज में आक्रोश फैल गया था. दुल्हन की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर झुंझुनूं के उदयपुरवाटी विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा और राष्ट्रीय करणी सेना के संयोजक सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के नेतृत्व में राजपूत समाज के लोगों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए चार दिन तक धरना दिया था.

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