लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार किसानों को एक और बड़ा तोहफा दिया है. कुसुम (KUSUM) योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. योजन...
लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार किसानों को एक और बड़ा तोहफा दिया है. कुसुम (KUSUM) योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. योजना के तहत किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप मुहैया कराया जाएगा. कुसुम योजना का ऐलान केंद्र सरकार के आम बजट 2018-19 में किया गया था. आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुसुम योजना की घोषणा की थी. मोदी सरकार ने किसान उर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान कुसुम (KUSUM) योजना बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान में रख शुरू की.
क्या है कुसुम योजना-भारत में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है और अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं. कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं. किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांव में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है.
कुसुम के पहले चरण में डीजल पंप बदले जाएंगे
कुसुम योजना के पहले चरण में किसानों के सिर्फ उन सिंचाई पंप को शामिल किया जाएगा जो अभी डीजल से चल रहे हैं. सरकार के एक अनुमान के मुताबिक इस तरह के 17.5 लाख सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. इससे डीजल की खपत और कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
कुसुम योजना से दो फायदे
केंद्र सरकार की कुसुम योजना किसानों को दो तरह से फायदा पहुंचाएगी. एक तो उन्हें सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी और दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजते हैं तो उसके बदले उन्हें कमाई भी होगी. अगर किसी किसान के पास बंजर भूमि है तो वह उसका इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकता है. इससे उन्हें बंजर जमीन से भी आमदनी होने लगेगी.
बिजली की होगी बचत
सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पंप में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो न सिर्फ बिजली की बचत होगी बल्कि 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी संभव होगा. कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी. इस योजना के तहत 10,000 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.
कुसुम योजना की मुख्य बातें
>> सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा.
>> केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी.
>> सौर ऊर्जा के लिए प्लांट बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.
>> कुसुम योजना में बैंक किसानों को लोन के रूप में 30% रकम देंगे.
>> सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.
कुसुम योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट https://mnre.gov.in/# पर जा सकते हैं.
कुसुम योजना से दो फायदे
केंद्र सरकार की कुसुम योजना किसानों को दो तरह से फायदा पहुंचाएगी. एक तो उन्हें सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी और दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजते हैं तो उसके बदले उन्हें कमाई भी होगी. अगर किसी किसान के पास बंजर भूमि है तो वह उसका इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकता है. इससे उन्हें बंजर जमीन से भी आमदनी होने लगेगी.
बिजली की होगी बचत
सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पंप में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो न सिर्फ बिजली की बचत होगी बल्कि 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी संभव होगा. कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी. इस योजना के तहत 10,000 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.
कुसुम योजना की मुख्य बातें
>> सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा.
>> केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी.
>> सौर ऊर्जा के लिए प्लांट बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.
>> कुसुम योजना में बैंक किसानों को लोन के रूप में 30% रकम देंगे.
>> सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.
कुसुम योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट https://mnre.gov.in/# पर जा सकते हैं.

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