पूर्व IPS अफसर पंकज चौधरी को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने दी लोकसभा चुनाव लड़ने को हरी झंडी. निर्वाचन विभाग ने बाड़मेर लो...
पूर्व IPS अफसर पंकज चौधरी को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने दी लोकसभा चुनाव लड़ने को हरी झंडी. निर्वाचन विभाग ने बाड़मेर लोकसभा सीट से चौधरी का नामांकन कर दिया था खारिज.
बता दें कि पंकज चौधरी ने आईपीएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा है. बर्खास्त आईपीएस अफसर का नामांकन अयोग्यता के प्रावधान के तहत खारिज किया गया था. चौधरी को जनप्रतिनिधी अधिनियम 1951 की धारा 9 का सर्टिफिकेट पेश करना था, लेकिन नहीं कर पाने के चलते नामांकन खारिज कर दिया गया.
नामांकन खारिज होने पर बसपा प्रत्याशी चौधरी ने निर्वाचन अधिकारी के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को 16 अप्रैल तक मामले के निस्तारण के निर्देश दिया. इसके बाद आयोग ने चौधरी को सर्टिफिकेट जारी कर दिया.
पंकज चौधरी नामांकन खारिज करने के पीछे निर्वाचन अधिकारी ने केंद्र या राज्य सरकार की ओर से भ्रष्टाचार या अन्य किसी भी आधार पर सेवा से बर्खास्त किए गए अधिकारी चुनाव नहीं लड़ सकने के प्रावधान का हवाला दिया था.
हाल ही भारतीय पुलिस सेवा से बर्खास्त हुए पंकज चौधरी ने लोकसभा चुनाव से अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है. इसके लिए उन्होंने बसपा का दामन थामा है. बसपा ने पंकज चौधरी को बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है. लेकिन बर्खास्त होने के कारण उन्हें चुनाव लड़ने के लिए पहले भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत सर्टिफिकेट लेना था. लेकिन वो यह सर्टिफिकेट पेश नहीं कर पाए.

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