25 साल के हार्दिक ने 198.32 की स्ट्राइक रेट से 355 रन बनाए हैं. पारी के आखिरी ओवरों में उनकी स्ट्राइक रेट 250 के करीब हो जाती है जो कि...
25 साल के हार्दिक ने 198.32 की स्ट्राइक
रेट से 355 रन बनाए हैं. पारी के आखिरी ओवरों में उनकी स्ट्राइक रेट 250
के करीब हो जाती है जो कि बहुत बड़ी बात है.
आईपीएल 2019 में हार्दिक पंड्या ने मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइटराइडर्स के मैच के दौरान जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उसके आगे आंद्रे रसेल की ताबड़तोड़ पारी भी फीकी पड़ गई थी. हार्दिक ने 34 गेंद में 91 रन ठोक दिए जिनमें 9 आसमानी छक्के शामिल थे. इस सीजन वह जबरदस्त बल्लेबाजी कर रहे हैं. 25 साल के हार्दिक ने 198.32 की स्ट्राइक रेट से 355 रन बनाए हैं. पारी के आखिरी ओवरों में उनकी स्ट्राइक रेट 250 के करीब हो जाती है जो कि बहुत बड़ी बात है. आखिरी के पांच ओवरों में वह मनमर्जी से छक्के लगाते नजर आते हैं.
इस सीजन में उन्होंने लगभग हर सातवीं गेंद पर छक्का लगाया है. इनमें सबसे बड़ी बात यह है कि आखिरी ओवरों में वह तेज गेंदबाजों का सामना कर रहे होते हैं और उनके खिलाफ मनचाहे तरीके से छक्के लगाकर हार्दिक ने वर्ल्ड कप से पहले काफी बड़ा संदेश दिया है. तो आखिर हार्दिक ने ऐसा क्या किया है जो वह तूफानी अंदाज में रन बना रहे हैं.
सबसे पहला बदलाव जो हार्दिक की बल्लेबाजी में नजर आया है वह उनका बैटिंग स्टांस है. वे इस सीजन में ओपन स्टांस से खेले हैं और आखिरी के ओवरों में तेज गेंदबाजों के सामने उनका पिछला पैर ऑफ स्टंप के बाहर रहता है. वे क्रीज में काफी अंदर खड़े होते हैं और गेंद को अपने तक आने देते हैं. उनकी लचीली कलाइयां भी हार्दिक का काम आसान कर देती हैं. क्योंकि ऑफ स्टंप से बाहर की लाइन पर मिली गेंद को लेग साइड में लगातार मारने के लिए कलाइयों का काफी उपयोग होता है.
हार्दिक पंड्या को इन बदलावों से यॉर्कर गेंद को हेलिकॉप्टर शॉट को छक्के
के लिए मारने का मौका मिल जाता है. ऐसा कई मैचों में देखने को मिला है.
चेन्नई सुपरकिंग्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ बड़े जबरदस्त
हेलिकॉप्टर शॉट लगाए थे.
ओपन स्टांस के चलते हार्दिक को डीप मिड विकेट इलाके में शॉट मारने का मौका मिल जाता है. कोलकाता के खिलाफ मैच में उन्होंने इस इलाके में 38 रन बटोरे. साथ ही वे अब मैदान के सामने की तरफ भी शॉट ज्यादा लगा रहे हैं. उनके जो शॉट इस आईपीएल में देखने को मिले हैं वे वेस्ट इंडीज के बल्लेबाजों की तरह हैं. वे ठीक वैसे ही बल्लेबाजी कर रहे हैं जैसे आंद्रे रसेल और कायरन पोलार्ड करते हैं. हार्दिक क्रीज की गहराई का इस्तेमाल गेंदबाजों की लाइन लैंथ बिगाड़ने के लिए कर रहे हैं. इसके चलते गेंदबाजों की यॉर्कर गेंदें उनके लिए फुलटॉस बन जाती है.
आईपीएल 2019 में हार्दिक पंड्या ने मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइटराइडर्स के मैच के दौरान जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उसके आगे आंद्रे रसेल की ताबड़तोड़ पारी भी फीकी पड़ गई थी. हार्दिक ने 34 गेंद में 91 रन ठोक दिए जिनमें 9 आसमानी छक्के शामिल थे. इस सीजन वह जबरदस्त बल्लेबाजी कर रहे हैं. 25 साल के हार्दिक ने 198.32 की स्ट्राइक रेट से 355 रन बनाए हैं. पारी के आखिरी ओवरों में उनकी स्ट्राइक रेट 250 के करीब हो जाती है जो कि बहुत बड़ी बात है. आखिरी के पांच ओवरों में वह मनमर्जी से छक्के लगाते नजर आते हैं.
इस सीजन में उन्होंने लगभग हर सातवीं गेंद पर छक्का लगाया है. इनमें सबसे बड़ी बात यह है कि आखिरी ओवरों में वह तेज गेंदबाजों का सामना कर रहे होते हैं और उनके खिलाफ मनचाहे तरीके से छक्के लगाकर हार्दिक ने वर्ल्ड कप से पहले काफी बड़ा संदेश दिया है. तो आखिर हार्दिक ने ऐसा क्या किया है जो वह तूफानी अंदाज में रन बना रहे हैं.
सबसे पहला बदलाव जो हार्दिक की बल्लेबाजी में नजर आया है वह उनका बैटिंग स्टांस है. वे इस सीजन में ओपन स्टांस से खेले हैं और आखिरी के ओवरों में तेज गेंदबाजों के सामने उनका पिछला पैर ऑफ स्टंप के बाहर रहता है. वे क्रीज में काफी अंदर खड़े होते हैं और गेंद को अपने तक आने देते हैं. उनकी लचीली कलाइयां भी हार्दिक का काम आसान कर देती हैं. क्योंकि ऑफ स्टंप से बाहर की लाइन पर मिली गेंद को लेग साइड में लगातार मारने के लिए कलाइयों का काफी उपयोग होता है.

आईपीएल 2019 में हार्दिक पंड्या का स्ट्राइक रेट आंद्रे रसेल के बाद दूसरे नंबर पर है
ओपन स्टांस के चलते हार्दिक को डीप मिड विकेट इलाके में शॉट मारने का मौका मिल जाता है. कोलकाता के खिलाफ मैच में उन्होंने इस इलाके में 38 रन बटोरे. साथ ही वे अब मैदान के सामने की तरफ भी शॉट ज्यादा लगा रहे हैं. उनके जो शॉट इस आईपीएल में देखने को मिले हैं वे वेस्ट इंडीज के बल्लेबाजों की तरह हैं. वे ठीक वैसे ही बल्लेबाजी कर रहे हैं जैसे आंद्रे रसेल और कायरन पोलार्ड करते हैं. हार्दिक क्रीज की गहराई का इस्तेमाल गेंदबाजों की लाइन लैंथ बिगाड़ने के लिए कर रहे हैं. इसके चलते गेंदबाजों की यॉर्कर गेंदें उनके लिए फुलटॉस बन जाती है.

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