लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 25 सीटें जीतने के दोनों ही राजनीतिक पार्टियां पूरा दमखम लगा रही है, लेकिन इनमें से एक सीट ऐसी है जहां कांग्रेस ...
लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 25 सीटें जीतने के दोनों ही राजनीतिक पार्टियां पूरा दमखम लगा रही है, लेकिन इनमें से एक सीट ऐसी है जहां कांग्रेस तो चुनावी रण में नजर आ रही है, लेकिन बीजेपी का कोई अता-पता नहीं है.
लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 25 सीटें जीतने के दोनों ही राजनीतिक पार्टियां पूरा दमखम लगा रही है, लेकिन इनमें से एक सीट ऐसी है, जहां कांग्रेस तो चुनावी रण में नजर आ रही है, लेकिन बीजेपी का कोई अता-पता नहीं है. यहां कांग्रेस जमकर प्रचार कर रही है और बीजेपी कार्यकर्ता उसे देख रहे हैं.
प्रदेश की दौसा लोकसभा सीट बीजेपी में अभी तक कौतूहल का विषय बनी हुई है. इस सीट पर कांग्रेस ने 28 मार्च को ही अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी थी. कांग्रेस प्रत्याशी सविता मीणा पिछले 15 दिनों से चुनावी रण में प्रचार कर रही हैं. वहीं बीजेपी ने अभी तक इस सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. इस सीट पर दूसरे चरण में 6 मई को चुनाव होना है. कांग्रेस प्रत्याशी सविता मीना पिछले 15 दिनों ने दौसा लोकसभा क्षेत्र में आने वाले आठों विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुकी है. कांग्रेस जनसंपर्क, चुनावी सभाएं और रोड शो कर रही है और बीजेपी कार्यकर्ता प्रत्याशी चयन की चर्चा में मशगूल हैं.
भितरघात की आशंका
दरअसल बीजेपी में दौसा की सीट दिग्गजों के राजनीतिक दांव पेच में फंसी हुई है. इसलिए अभी तक बीजेपी की ओर से प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं हो पाया है. दावेदारों के त्रिकोण और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के वीटो के फेर में फंसी दौसा सीट पर सबकी नजरें टिकी हुई है. बताया जा रहा है कि पार्टी अब इस सीट पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे खेमे की पसंद को तव्वजो देने का मानस बना चुकी है, लेकिन भितरघात की आशंका के चलते अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है.
प्रदेश की दौसा लोकसभा सीट बीजेपी में अभी तक कौतूहल का विषय बनी हुई है. इस सीट पर कांग्रेस ने 28 मार्च को ही अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी थी. कांग्रेस प्रत्याशी सविता मीणा पिछले 15 दिनों से चुनावी रण में प्रचार कर रही हैं. वहीं बीजेपी ने अभी तक इस सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. इस सीट पर दूसरे चरण में 6 मई को चुनाव होना है. कांग्रेस प्रत्याशी सविता मीना पिछले 15 दिनों ने दौसा लोकसभा क्षेत्र में आने वाले आठों विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुकी है. कांग्रेस जनसंपर्क, चुनावी सभाएं और रोड शो कर रही है और बीजेपी कार्यकर्ता प्रत्याशी चयन की चर्चा में मशगूल हैं.
दरअसल बीजेपी में दौसा की सीट दिग्गजों के राजनीतिक दांव पेच में फंसी हुई है. इसलिए अभी तक बीजेपी की ओर से प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं हो पाया है. दावेदारों के त्रिकोण और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के वीटो के फेर में फंसी दौसा सीट पर सबकी नजरें टिकी हुई है. बताया जा रहा है कि पार्टी अब इस सीट पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे खेमे की पसंद को तव्वजो देने का मानस बना चुकी है, लेकिन भितरघात की आशंका के चलते अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है.

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