आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का नाम इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल किया जा सकता है. ...
आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का नाम इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल किया जा सकता है.
आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का नाम इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की राह में रोड़े अटका रहा चीन 1 मई को अपना रुख बदल सकता है.
मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी की सूची में डालना भारत की मोदी सरकार की एक बड़ी कूटनीतिक जीत होगी, क्योंकि भारत काफी लंबे समय से खासकर कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से इसके लिए जोर दे रहा है और चीन लगातार अपनी वीटो का इस्तेमाल कर रोड़ा अटका रहा है.
एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि यह मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करना उसके लिए मौत की घंटी बनने वाला कदम है. ऐसा इसलिए क्योंकि वह यूएन की इस्लामिक स्टेट और अलकायदा प्रतिबंध समिति द्वारा वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया जाएगा. पुलवामा हमले के बाद से ही संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका, फ्रांस और यूके इसके लिए मांग कर रहे हैं लेकिन चीन उसका बचाव कर रहा है.
चीन ने 13 मार्च को जैश सरगना मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया था. तभी से अमेरिका समेत कई बड़े देश चीन के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं. वहीं कुछ और रिपोर्ट्स का कहना है कि बीजिंग 15 मई के आसपास मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के रास्ते से हट सकता है.
वहीं पाकिस्तान ने भी हाल ही में कहा है कि वह अज़हर को ब्लैक लिस्ट करने के लिए तैयार है बशर्ते इसका आधार पुलवामा हमला न हो. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने एक टीवी शो में कहा था कि भारत को इस बात का सबूत देना होगा कि अज़हर का पुलवामा हमले से कोई संबंध नहीं है.

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