ईसाइयों के पवित्र पर्व ईस्टर के दिन चर्च और होटलों को निशाना बनाया गया. इन धमाकों में अब तक कम से कम 215 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 450 स...
ईसाइयों के पवित्र पर्व ईस्टर के दिन चर्च और होटलों को निशाना बनाया गया. इन धमाकों में अब तक कम से कम 215 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 450 से ज्यादा लोग घायल हैं.
रानिल विक्रमसिंघे ने मीडिया से कहा, ''जांच एजेंसियों के पास इस तरह के हमले का अंदेशा पहले से ही था. लेकिन उन्होंने न तो ये जानकारी शेयर की और न ही इसपर कोई ठोस कदम उठाया. सरकार इसकी जांच करेगी कि पहले से पर्याप्त जानकारी होने के बाद सावधानी क्यों नहीं बरती गई. देश के कैबिनेट को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी?''
उन्होंने कहा, 'इस घटना के पीछे जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे स्थानीय हैं. लेकिन, ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे कहीं 'विदेशी कनेक्शन' तो नहीं है.' प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि संभावित हमले की जानकारी हमले से थी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की पहली प्राथमिकता इसके पीछे के सभी आतंकियों को पकड़ना है. यह सुनिश्चित करना है कि दोबारा ऐसी घटनाएं न हो.
खुफिया जांच एजेंसियों के अनुसार नेशनल तौहीद जमात के जहरान हासिम और उसके साथियों ने मिलकर आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिए योजना बनाई थी. इस पूरी करतूत को करने से पहले उन्होंने इसके लिए एक रिहर्सल किया था. साथ ही 16 अप्रैल को विस्फोटक से भरी एक मोटरसाइकिल भी कतांनकुड़ी के पास पालमुनाई छोड़ दी थी.
जानकारी के अनुसार आतंकियों की योजना थी कि हमला 22 अप्रैल से पहले या बाद में हो. साथ ही उन्होंने रैकी कर ऐसे आठ स्थलों (जिनमें चर्च और होटल थे) को चुना था जहां पर बड़ी संख्या में भारतीय आते हों. इस संबंध में नई दिल्ली से भी कोलंबो को 4 अप्रैल को ही जानकारी दे दी थी.
बता दें कि श्रीलंका के पुलिस चीफ पुजुथ जयासुंदरा ने 11 अप्रैल को ही एक चेतावनी आला अफसरों को दी थी. उनके अनुसार एक विदेशी जांच एजेंसी के अनुसार नेशनल थोहीथ जमात (एनटीजे) आत्मघाती हमलावरों को देश के प्रमुख चर्चों में भेज धमाके करने की साजिश रच रहा है. इसके साथ ही एनटीजे के निशाने पर कोलंबो में स्थित भारतीय उच्चायोग भी है. एनटीजे एक मुस्लिम संगठन है. यह संगठन उस समय चर्चा में आया था जब इन्होंने बुद्ध की मूर्तियों को तोड़ा था.
गौरतलब है कि श्रीलंका की राजधानी कोलंबो सहित देश के कई हिस्सों में रविवार सुबह 8:45 बजे (स्थानीय समयानुसार) एक के बाद एक आठ ब्लास्ट हुए. ईसाइयों के पवित्र पर्व ईस्टर के दिन चर्च और होटलों को निशाना बनाया गया. इन धमाकों में अब तक कम से कम 215 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 450 से ज्यादा लोग घायल हैं. ये आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है. अब तक 13 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. सरकार ने कहा है कि ज़्यादातर धमाके आत्मघाती थे. मरने वालों में भारतीय और पाकिस्तानी समेत कुल 35 विदेशी नागरिक भी हैं. धमाके में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है. ये केरल की रहने वाली थी.
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