तौसीफ शेख ने मां को कॉल करके उनका हालचाल पूछा था. फोन पर बात करते हुए तौसीफ शेख की मां उसकी फ्रिक करने लगी. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली मे...
तौसीफ शेख ने मां को कॉल करके उनका हालचाल पूछा था. फोन पर बात करते हुए तौसीफ शेख की मां उसकी फ्रिक करने लगी.
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हुए नक्सली हमले में 16 जवानों की जान चली गई. शहीद हुए जवानों में बीड जिले का तौसीफ शेख भी शामिल था. तौसीफ शेख की हमले से पहले बुधवार की सुबह की फोन पर अपनी मां से बात हुई थी. तौसीफ शेख ने मां को कहा था, 'मां मेरी फिकर मत करो. मैं मजे में हूं. आप अपनी तबीयत का ख्याल रखो.'
गढ़चिरौली में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए तौसीफ शेख बीड जिले से है. उनके मौत की खबर आते ही पूरे बीड जिले में मातम छा गया. जिसने भी तौसीफ शेख के शहीद होने की बात सुनी वो उनके घर दुखी परिवार को सांत्वना देने पहुंचा. तौसीफ शेख पाटोदा शहर के क्रांतीनगर में रहते थे. पिता का नाम आरिफ शेख है. पिता आरिफ शेख ने एक होटल में काम करके अपने परिवार को पाला था. आज भी गरीबी के कारण वे होटल में काम करते हैं.
तौसीफ शेख की आज सुबह तक़रीबन 11 बजकर 15 मिनट पर अपनी मां के साथ फ़ोन पर आखिरी बार बात हुई थी. तौसीफ शेख ने मां को कॉल करके उनका हालचाल पूछा था. फोन पर बात करते हुए तौसीफ शेख की मां उसकी फ्रिक करने लगी. जिस पर तौसीफ शेख ने कहा, 'मां मेरी फिकर मत करो. मैं मजे में हूं. आप अपनी तबीयत का ख्याल रखो.'
गरीब परिवार से ताल्लुख रखने वाले तौसिफ शेख ने बड़ी मेहनत से 2009-10 के बैच में पुलिस की नौकरी पाई थी. साल 2012 में उनकी शादी हुई थी. तौसीफ शेख के दो छोटे छोटे बेटे हैं. एक पांच साल का है तो दूसरा तीन साल का है.




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